
निवाड़ी। जिला परियोजना समन्वयक फूलसिंह दिनकर ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के निर्देशानुसार नवीन शिक्षा सत्र 2026–27 का शुभारंभ 01 अप्रैल 2026 से किया जाएगा। इस अवसर पर जिले की सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में ‘प्रवेशोत्सव’ बड़े उत्साह और जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा। सत्र 2025–26 में कक्षा 1 से 7वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को क्रमशः कक्षा 2 से 8वीं तक तथा कक्षा 8 से 11वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को कक्षा 9 से 12वीं तक शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। कक्षा 2 से 12वीं तक नामांकित विद्यार्थियों का विवरण
एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर 31 मार्च 2026 तक अद्यतन किया जाएगा।
कक्षा 1 में नवीन प्रवेश प्रक्रिया 1 मार्च 2026 से प्रारंभ होगी, ताकि पात्र बच्चे सत्र के प्रारंभ से ही शैक्षणिक गतिविधियों का लाभ ले सकें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार 6 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके प्रत्येक बच्चे का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा, वहीं 30 सितंबर 2026 तक 6 वर्ष पूर्ण करने वाले बच्चों का प्रवेश मार्च माह में ही पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
01 अप्रैल को सभी शालाओं में विशेष बालसभाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अभिभावकों को आमंत्रित कर छात्रों की उपस्थिति, शैक्षणिक उपलब्धि, नामांकन स्थिति तथा शासन के नवीन शैक्षणिक निर्देशों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इस दिन नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया जाएगा तथा वरिष्ठ छात्र कनिष्ठ छात्रों को विद्यालय में प्रवेश हेतु प्रेरित करेंगे। साथ ही सभी उपस्थित विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जाएंगी और मध्यान्ह भोजन के अंतर्गत विशेष भोज भी आयोजित होगा।
जिले के समस्त छात्रावासों का संचालन 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जाएगा तथा छात्रावास प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न होगी। आंगनवाड़ी केन्द्रों और एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से कक्षा 1 में प्रवेश योग्य बच्चों की सूची तैयार की जाएगी और प्रवेश हेतु आवश्यक दस्तावेजों को न्यूनतम रखा जाएगा।
शाला से बाहर बच्चों के चिन्हांकन और चाइल्ड ट्रैकिंग की प्रक्रिया भी समग्र आईडी के आधार पर संचालित होगी। शिक्षकों को विद्यार्थियों के भौतिक सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे 10 अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जाएगा।
पात्र विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तक, साइकिल सहित अन्य शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान करने हेतु आवश्यक प्रविष्टियां पोर्टल पर दर्ज की जाएंगी।
प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक बच्चा विद्यालय से जुड़े और ‘सब पढ़ें, सब बढ़ें’ की भावना को साकार किया






